Risk of cardiac disease increase after Menopause says doctors of Sona Rainbow Cardiac centre, Agra

मीनोपॉज यानी महिलाओं के पीरियडस बंद होना, जानिए आगरा के सोना रेनबो कार्डियक केयर सेंटर के डॉक्टरों का क्या है कहना

आगरालीक्स… मीनोपॉज यानी महिलाओं के पीरियडस बंद होना, जानिए आगरा के सोना रेनबो कार्डियक केयर सेंटर के डॉक्टरों का क्या है कहना, मीनोपॉज के दौरान कई परिवर्तन आते हैं। यही वजह समय होता है जब महिलाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में उन्हें अपने दिल की देखभाल अच्छी तरह करनी चाहिए। यह कहना है पद्मश्री डा. प्रवीण चंद्रा की टीम के वरिष्ठ ह्दय रोग विशेषज्ञ डा. प्रवेग गोयल का।
सोना रेनबो कार्डियक केयर सेंटर की ओर से सोमवार को एमजी रोड स्थित मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम में नि:शुल्क ह्दय रोग परामर्श एवं जांच शिविर आयोजित किया गया। सुबह दस से दोपहर दो बजे तक चले शिविर में काफी संख्या में महिलाएं भी ह्दय रोगों की जांच व परामर्श के लिए शामिल हुर्इं। ऐसे में डा. प्रवेग गोयल ने महिलाओं में ह्दय रोगों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने से साथ-साथ महिलाओं के शरीर में होने वाले परिवर्तन में मीनोपॉज एक है। मीनोपॉज के दौरान महिलाओं को मासिक धर्म बंद हो जाता है। यह आमतौर पर 40 साल की उम्र के बाद होता है।

 

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मीनोपॉज के दौरान महिलाएं कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियों से गुजरती हैं। इस समय में तनाव, डिप्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता कि मीनोपॉज की समस्या महिलाओं में दिल की बीमारी का कारण भी बन सकती है। क्योंकि इस समय महिलाओं को हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, डिप्रेशन और वजन बढ़ने जैसी कई बीमारियां घेरती हैं, जो दिल को भी खतरा पैदा करती हैं। इसलिए दिल को सुरक्षित रखने के लिए महिलाओं को मीनोपॉज की अवस्था में विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह लेनी चाहिए। इस दौरान ह्दय की जांचें भी करानी चाहिए, ताकि अगर किसी तरह की कोई समस्या हो तो उसका समय से पता लगाया जा सके। रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि हर किसी को अपने ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल का चेकअप जरूर करवाना चाहिए। ह्दय रोगों से बचाव के लिए यह पहला पड़ाव है। उन्होंने कहा कि योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ताजा फल व सब्जियों का सेवन करना करें। हर रोज 15 से 30 मिनट तक तेज चलना चलें। शिविर का लाभ 40 लोगों ने उठाया। इसमें मरीजों की ईसीजी, बीएमआई, ब्लड प्रेशर आदि जांचें भी नि:शुल्क की गर्इं। इस दौरान डा. वसुधा, शिवानी आदि मौजूद थे।