PCOD awareness camp at Malhotra Hospital, Agra

आगरालीक्स …आगरा में युवतियों के मूछ और चेहरे पर बाल यूं ही नहीं आ रहे हैं, ये अनचाहे बाल अनियमित खान-पान और बेतरतीब जीवनशैली से महिलाओं में हो रही पीसीओडी की समस्या से हो रहा है। ज्यादातर महिलाएं कई रोगों का शिकार है। भागदौड भरी जिंदगी में महिलाएं अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करती हैं, जिसका खामियाजा उन्हें विवाह के बाद भुगतना पडता है। लडकियों को मासिक धर्म शुरू होने के बाद अपने स्वास्थ्य पर खासतौर से ध्यान देने की जरूरत होती है। महिलाओं के चेहरे पर बाल उग आना, बार-बार मुंहासे होना, पिगमेंटेशन, अनियमित मासिक धर्म होना और गर्भधारण में मुश्किल होना खतरे की घंटी है। यह जानकारी विशेषज्ञों ने एक टाॅक ईवेंट में दी।
rainbow 4
एमजी रोड स्थिम मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम में मंगलवार को निःशुल्क स्पेशल पीसीओएस क्लीनिक आयोजित किया गया। इसमें टाॅक ईवेंट के जरिए महिलाओं को पीसीओएस की समस्या और इसके निदान पर जानकारी दी गई। साथ ही शिविर में आने वाली महिलाओं को रेनबो हाॅस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. मनप्रीत शर्मा ने गर्भावस्था में खान-पान पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। आम महिलाओं के साथ इस टाॅक में पीसीओएस विशेषज्ञ के रूप में डा. शैली गुप्ता ने बताया कि पाॅलिसिस्टिक ओवनरी डिजीज होने पर महिलाओं को चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर महिलाओं को ओवरी और प्रजनन क्षमता पर असर पडता है साथ ही आगे चलकर कई रोग लगने लगते हैं। आज लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं इस बीमारी से ग्रस्त हैं। उचित ज्ञान न होने व पूर्ण चिकित्सकीय जांच न होने की वजह से महिलाएं इससे जूझ रही हैं। डा. मनप्रीत ने बताया कि यदि आप मां बनने वाली हैं तो यह जरूरी है कि आप अच्छा खाएं। इससे आपको अपने और अपने गर्भ में पल रहे शिशु के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि कई बार अधूरा ज्ञान नुकसानदेह साबित हो सकता है। आम तौर पर घरों में बुजुर्ग जबरन खाने पर जोर देते हैं, लेकिन यह भी गलत है। हमें आहार में उतना ही शामिल करना चाहिए, जितना हम ग्रहण कर सकते हैं।
शिविर में डा. निहारिका मल्होत्रा, डा. ऋषभ बोरा, डा. विश्वदीपक, डा. सरिता, डा. शोभना आदि ने निःशुल्क परामर्श प्रदान किया।