NRI lodged FIR against directors of Pushpanjali construction, Agra

आगरा के पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक वीडी अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल, मयंक अग्रवाल सहित पांच पर एनआरआई ने दर्ज कराया मुकदमा,

आगरालीक्स.. आगरा के पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक वीडी अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल, मयंक अग्रवाल सहित पांच पर एनआरआई ने दर्ज कराया मुकदमा, एनआरआई ने 3.32 करोठ रुपये ठगने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों पर नोएडा में मुकदमा दर्ज किया गया है।
नोएडा पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से आगरा के रहने वाले सीबीएल अग्रवाल इंद्रापुरम नोएडा में रह रहे हैं, उनके बेटे यतीश अ्रवाल साइप्रस में रहते हैं। सीबीएल अग्रवाल ने आगरा के प्रोपर्टी डीलर ध्रुव सैनी के माध्यम से पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड व पीपी बिल्डकोन के निदेशक पुनीत अग्रवाल, वीडी अग्रवाल और मयंक अग्रवाल से कराई। उन्होंने प्लाट और फ्लैट खरीदने के लिए अपने बेटे यतीश अग्रवाल और पुत्रवधु के एनआरआई खाते से प्लाट और फ्लैट
खरीदने के लिए तीन करोड 32 लाख 87 हजार रुपये चेक के माध्यम से दिए। 2013 में यतीश साइप्रस से भारत आए, वे अपनी प्रोपर्टी देखने के लिए आगरा आए, यहां जिस प्लाट और फ्लैट को खरीदने के लिए तीन करोड से अधिक का भुगतान किया था वहां कोई दूसरी फर्म काम कर रही थी।

बंधक प्लाट कर दिए नाम
इस पर यतीश अग्रवाल ने पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन के निदेशकों से बात की, उन्होंने कहा कि प्लाट गलती से दूसरे को सेल हो गए हैं। इसकी जगह उन्हें दूसरे प्लाट दे दिए गए। इनमें से उन्होंने 12 प्लाट को बेचने के लिए प्रोपर्टी डीलर से संपर्क किया तो पता चला कि ये सभी प्लाट एडीए पर बंधक हैं । पीडित एनआरआई ने एसएसपी से मुलाकात की, इसके बाद पुष्पांजलि बिल्डर्स के ​तीनों निदेशकों सहित पांच पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

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बिल्डर हरीओम दीक्षित किया अरेस्ट, मिली जमानत
25 जून 2018 को आगरा में गायत्री डेवलेपवेल के डायरेक्टर हरीओम दीक्षित को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया, वहां सुनवाई के बाद बिल्डर हरीओम दीक्षित को जमानत मिल गई।
इंस्पेक्टर हरीपर्वत ने बताया कि सोमवार सुबह सूर्य नगर निवासी हरिओम दीक्षित को चेक बाउंस होने पर जारी गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद अरेस्ट किया गया। बिल्डर हरीओम दीक्षित को कोर्ट में पेश किया गया। इस मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने बिल्डर हरीओम दीक्षित को जमानत दे दी, उन्हें पुलिस ने रिहा कर दिया।
ये था मामला
शाहगंज निवासी सचिन दीक्षित ने चेक बाउंस होने पर उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा किया था। इसी मुकदमे में गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। सचिन ने ही पुलिस को हरिओम के आगरा स्थित घर में होने की जानकारी दी थी।
क्या बोले बिल्डर हरीओम दीक्षित
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बि​ल्डर हरिओम दीक्षित ने कहा कि ब्याज के भंवर में वह अकेले नहीं ज्यादातर बिल्डर फंसे हुए हैं। लोगों ने अपना नंबर दो का पैसा बिल्डरों के यहां चार प्रतिशत ब्याज पर लगाया था। मार्केट डाउन हुआ। ब्याज मिलना बंद हुआ तो धोखाधड़ी के मुकदमे लिखा दिए। बिल्डर घबरा गए। भाग लिए। इस कारण बिल्डरों के प्रोजक्ट लटक गए। ग्राहकों को फ्लैट नहीं मिल रहे हैं। ग्राहकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।