Jashn E Faiz on 13 february in Agra

आगरा में आज (13 फरवरी) मुझ से पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न माँग को लिखने वाले उर्दू के महान शायर फैज अहमद फैज की जयंती 'जश्न-ए-फैज' का आयोजन किया जा रहा है।

आगरालीक्स …आगरा में आज (13 फरवरी) मुझ से पहली सी मोहब्बत मेरे महबूब न माँग को लिखने वाले उर्दू के महान शायर फैज अहमद फैज की जयंती ‘जश्न-ए-फैज’ का आयोजन किया जा रहा है।ग्रांड होटल मे रविवार को आयोजको ने बताया कि समारोह मे फैज अहमद फैज की शायरी की महलाा पर चर्चा होगी, साथ ही नामी गजल गायक उनकी गजलो को अपने सुरो मे बांध शाम को रंगीन बनाएंगे। सांस्कृतिक संस्था रंगलीला व जन संस्कृति मंच के तत्वावधान मे होने वाले इस समारोह का उद्घाटन वरिष्ठ उर्दू साहित्यकार प्रो. अली जावेद करेगे। रंगलीला संस्था के निदेशक अनिल शुक्ल ने बताया कि मंगलवार को शाम पांच बजे सूरसदन में समारोह मे पहले ‘फैज: मुल्क, मोहब्बत और जम्हूरियत’ विषय पर गोष्ठी होगी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. प्रणय कृष्ण, नाट्य निर्देशक अरविंद गौड़, पत्रिका कथादेश के संपादक हरिनारायण, वरिष्ठ आलोचक प्रो. अली अहमद फातमी और रख्शंदा जलील आदि विचार रखेगे। शाम सात बजे से फैज की गजलो की प्रस्तुति होगी। वरिष्ठ आइएएस अफसर और गजलकार डॉ. हरिओम फैज की गजल और नज्म पेश करेगे। इस दौरान अरुण डंग, गजल गायक सुधीर नारायन, डॉ. नसरीन बेगम, योगेद्र दुबे, डॉ. प्रेम शंकर मौजूद रहे। – नही आएंगी सलीमा हाशमी फैज अहमद फैज की पुत्री और पाकिस्तान की पहली पीढ़ी की मशहूर चित्रकार सलीमा हाशमी समारोह मे शामिल नही होंगी। आयोजक अनिल शुक्ल ने बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनके आने का कार्यक्रम टल गया है। उन्होने वीडियो संदेश भेज कहा है कि समारोह से फैज परिवार काफी खुश है। उन्होने वादा किया है कि अगले साल होने वाले ‘जश्न-ए-फैज’ समारोह मे वह और फैज परिवार अवश्य आगरा आएगा। समारोह मे प्रवेश निशुल्क है। फैज के मुरीद डॉ. हरिओम वरिष्ठ आइएएस अफसर डॉ. हरिओम प्रशासनिक अफसर होने के साथ ही फैज अहमद फैज के मुरीद भी है। उनके एलबम मे फैज की गजलो और नज्मो के दो एलबम (इंतिसाब और रंग का दरिया) शामिल है। ¨हदी साहित्य मे पीएचडी डॉ. हरिओम का पहला काव्य संकलन ‘कपास के अगले मौसम’ काफी प्रसिद्ध है।