FIR lodged against Social worker, Ram Lal Bradha Aashram officer’s & accused of rape in Agra

आगरा में सामाजिक संगठन महिला शांति सेना की पदाधिकारी, रामलाल वृद्धाश्रम के पदाधिकारी सहित तीन पर दुष्कर्म पीडिता को आरोपी युवक संग रहने का दबाव और धमकाने में मुकदमा दर्ज

आगरालीक्स… आगरा में सामाजिक संगठन महिला शांति सेना की पदाधिकारी, रामलाल वृद्धाश्रम के पदाधिकारी सहित तीन पर दुष्कर्म पीडिता को आरोपी युवक संग रहने का दबाव और धमकाने में मुकदमा दर्ज हुआ हैं।
एक युवती ने आरोप लगाए है कि वह अलीगढ़ के नौरंगाबाद की रहने वाली है, उसकी मां की मौत हो गई, पिता शराब पीते थे, वह अपनी बहन के घर रहने लगी, बहन व जीजा उसे परेशान करने लगे, उसी मकान में आगरा के वजीपुरा निवासी गोल्डी उपाध्याय रहने आ गया, उसने युवती से दोस्ती कर ली, उसे 2013 में आगरा ले आया, उसे अपनी पत्नी कहकर यौन शोषण शुरू कर दिया।
गर्भपात कराया, दोस्तों से संबंध बनाने का दबाव
युवती का आरोप है कि उसका गर्भपात भी करा दिया वह उत्पीड़न करने लगा, उसे कमरे में बंद करके रखता था। अपने दोस्तों से भी शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध पर मारपीट करता। वह घर से भाग निकली।
लगाए गंभीर आरोप
एक युवक की मदद से उसकी मुलाकात महिला शांति सेना की पदाधिकारी शीला बहल से हुई।
उन्होंने युवती को सिकंदरा स्थित रामलाल आश्रम में रखवा दिया। आरोप है कि एक दिन शीला बहल और गोल्डी वहां आए। शीला बहल ने उस पर गोल्डी के साथ रहने का दबाव डाला। मना करने पर जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की,
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के आदेश पर मुकदमा
क्यूआईसीएसी की प्रदेश समन्वयक विनीका करौली ने युवती से संपर्क किया। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति के आदेश पर युवती का मेडिकल कराया गया।
समिति के आदेश पर युवती को आश्रय गृह भेज दिया। हरीपर्वत पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश किए। मामले में क्यूआईसीएसी की विनीका करौली ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की। चार साल बाद थाना हरीपर्वत में गोल्डी उपाध्याय, शीला बहल और रामलाल वृद्ध आश्रम के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें दुष्कर्म, मारपीट, बंधक बनाने सहित अन्य धारा में लगाई गई हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।