Club 35 workshop on Healing without medicine in Agra

आगरा में डॉक्टरों ने कहा कि भारतीय रसोई किसी फार्मेसी से कम नहीं।

आगरालीक्स… आगरा में डॉक्टरों ने कहा कि भारतीय रसोई किसी फार्मेसी से कम नहीं। सामान्य बुखार सहित कई ऐसी शारीरिक समस्याएं हैं जो रसोई में मौजूद मसाले (हल्दी, काली मिर्च, इलायची, अदरक, मैथी, दालचीनी, लौंग आदि) व अन्य सामग्री से ठीक हो सकते हैं, बशर्ते आपको इनके औषधीय गुणों का ज्ञान हो। रसोई में मौजूद औषधीय गुणों से भरपूर चीजों का प्रयोग करके हम न सिर्फ आर्थिक बचत कर सकते हैं बल्कि बेवजह दवाओं के प्रयोग से बचकर अपनी प्रतिरोधक क्षमता को भी बेहतर रख सकते हैं।
बुधवार को संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में क्लब 35 प्लस द्वारा हीलिंग विदआउट मेडिसिन विषय पर आयोजित गोष्ठी में सोना कार्डियक हेल्थ केयर के डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि भारतीय रसोई में खांसी-जुकाम, बुखार एलर्जी आदि तमाम बीमारियों की दवाएं मौजूद हैं। हर व्यक्ति के शरीर की बॉयोलॉजीकल क्लॉक के अनुसार कुछ लक्षण होते हैं। जो हमारे जीवन के नम्बर होते हैं। मसलन बीपी, हृदय की धड़कन, कोलेस्ट्रॉल, शुगर आदि। यदि व्यक्ति इनका ध्यान रखे तो कभी किसी गम्भीर बीमारी की गिरफ्त में नहीं आ सकता। स्वस्थ रहने का सबसे बेहतर फंडा है कि अपने विचार व भोजन को शुद्ध रखिए। विचार मन को और भोजन तन को स्वस्थ रखता है। दिल्ली मेदान्ता हॉस्पीटल से आए डॉ. नीरज गुप्ता ने हृदय रोग के लक्षण व उपचार के साथ एंजियोप्लास्टी व एंजियोग्राफी की नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी। कहा कि संतुलित मात्रा में देसी धी का प्रयोग कर सकते हैं। डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा ने महिलाओं में हृदय रोग सम्बंधी जानकारी व महिलाओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए। रिफाइंड घी और ऑयल का प्रयोग न करें। कानपुर की डायटीशियन डॉ. गरिमा सिंह ने बताया कि सेल्फ हीलिंग सोते वक्त होती है। इसलिए रात का खाना आठ बजे तक खा लेना उचित है। योग की विभिन्न मुद्राओं को भी सिखाया गया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम समन्वयक अशु मित्तल ने किया। इस अवसर पर मीनाक्षी मोहन, मयूरी मित्तल, मोनिका अग्रवाल, पूनम सचदेवा, आशू जैन, रेशमा मगन, सुधा कपूर, निकि चौपड़ा, शशि अग्रवाल आदि मौजूद थीं।
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बच्चों को शारीरिक रूप से भी आत्मनिर्भर होना सिखाएं
मन के साथ बच्चों को शारीरिक रूप से भी आत्मनिर्भर होना सिखाएं। बच्चों को हर छोटी मोटी समस्या में दवा देने के बजाए उन्हें खुद रोग से लड़ना सिखाएं। रसोई में मौजूद डॉक्टर का प्रयोग करें। इससे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता भी ठीक रहती है। उन्हें उन 6 प्राकृतिक डॉक्टरों के बारे में बताएं जिनका ध्यान रखकर वह जीवन भर स्वस्थ रह सकते हैं। सुबह की धूप, शुद्घ पानी व हवा, पृथ्वी, संतुलित व पौष्टिक भोजन व योग।