Agra Book Club Cahi Pe Charcha

आगरालीक्स… आगरा में चाय की चुस्की के साथ हवाएं सांसे ले रहीं हैं तेरी शख्सियत के दरम्यिान, तेरी फुर्सत में जिंदगी टहल रही हैं, पक्तियों ने माहौल जमा दिया, इसके बाद कविताओं का क्रम शुरू हुआ। कवि प्रवीन सिंह ने धर्म की रोटियां जल रहीं हैं सांझे चूल्हे के विश्वास पर, कब तक पकाओगे लकडियों में खुदा रहकर ने मौजूदा दौर के हालात को बयां किया। आगरा बुक क्लब द्वारा बुधवार को कावेरी ग्रीन में चाय की चुस्कियों के साथ कविता पाठ हुआ। आगरा बुक क्लब की संस्थापक डॉ शिवानी चतुर्वेदी, नुपुर बरनवाल, निधि लाल, पूजा बंसल, आंचल जैन, विनीता अग्रवाल, रेनू दत्ता, दीपाली खेत्रपाल, मीनू खंडेलवाल, सरिता कथूरिया, दिव्या गोयल, स्वाती और प्राची मौजूद रहीं।